बिजनेस बढ़ाने में मां लक्ष्मी खुद करेंगी मदद! कामदा एकादशी का ये उपाय..छोटे व्यापारियों के लिए 'संजीवनी'
सनातन धर्म में एकादशी व्रत का बेहद खास महत्व है. मान्यता है कि एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. मृत्यु पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है. हर महीने दो एकादशी की तिथि पड़ती है, एक कृष्ण पक्ष तो दूसरी शुक्ल पक्ष. हालांकि, इन सभी एकादशी का नाम तिथि और महत्व अलग-अलग होता है.
फिलहाल चेत्र माह चल रहा है. इस महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है. मान्यता है कि कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो रहा है तो इस एकादशी पर व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करने से वो पूर्ण होता है. एकादशी के दिन अगर आप कुछ उपाय भी कर लेते हैं तो व्यापार में जो समस्या चल रही है, वह समाप्त होगी. देवघर के आचार्य से जानें उपाय…
ऐसे करें एकादशी की पूजा
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहते हैं. 8 अप्रैल को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा एकादशी के दिन विधि विधान के साथ करनी चाहिए. एकादशी के पूर्व व्यक्ति को सात्विक भोजन करना चाहिए. ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना पीला रंग का वस्त्र पहनकर करना चाहिए. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें. सभी संकट समाप्त हो जाएंगे.
एकादशी पर जरूर करें ये उपाय
अगर व्यापार में घाटा चल रहा हो या व्यापार मंदा पड़ा है तो एकादशी के दिन एक छोटा सा उपाय अवश्य कर लें. कामदा एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा पीला वस्त्र पहनकर करें. एक पीले कपड़े में दो हल्दी की गांठ, एक चांदी का सिक्का और एक पीली कोड़ी बांधकर माता लक्ष्मी को अर्पण करें. पूजा के उपरांत पीले कपड़े की पोटली बनाकर व्यापार की तिजोरी में रख लें. जातक के व्यापार में जो भी समस्या है, वह समाप्त हो जाएगी. माना जाता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी स्वयं व्यापार को आगे बढ़ाएंगी.
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