प्रदेश मे इंदौर और भोपाल  थे इम्बारकेशन पॉइंट अब से सिर्फ इंदौर।

दूसरे राज्यों से फार्म भर ठगा रहे हज यात्री।

बड़े हुए पेसो का डर दिखाकर हाजियो को लूट रहे एजेंटो को मिली कामयाबी।

इंदौर मुंबई मे करीब 38, हजार का फर्क दिखा हाजियो को अब तक बेवकूफ बनाने वाले एजेंटो को बड़ी कामयाबी मिली है पिछले सालो से इंदौर भोपाल के मुकाबले बंबई और दूसरे राज्यों ज्यादा रकम का का डर दिखाने पर भोपाल इंदौर से कम हुवे हज यात्रियों की सख्या को देखते हुवे सेन्ट्रल कमेटी ने इस बार भोपाल से सीधी उड़ान बंद करने का फेसला किया है।

हज यात्रा के लिए जहाँ इंदौर से पिछले 3 साल से डायरेक्ट फ़्लाइट पहुँच रही है और वही पिछले दो साल से महाराष्ट्र गुजरात समेत दूसरे राज्यों से प्रदेश के हाजियों का जाना बढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ एजेंट बड़ी हुई रकम का डर दिखाकर हाजियों के फॉर्म दूसरे राज्यों से भरा रहे थे और दूसरे खर्च के नाम पर हाजियों से अच्छी खासी रकम ऐठ रहे थे जिसके बाढ़ प्रदेश से भोपाल इंदौर से लगातार हाजियो की संख्या घट रही थी जिसको लेकर अब सेन्ट्रल कमेटी ने पूरे प्रदेश के लिए भोपाल को बंद कर सिर्फ इंदौर को इम्बारकेशन पॉइंट बनाने का फैसला किया है ।जिस्से हाजियो को पहले की तरहा अबकी बार भी बड़ी परेशानियों का सामना करना पढ़ सकता है। 

दूसरे राज्यों से जाने पर ना ख़ादिम ना कोई पुरसाने हाल।  

प्रदेश के हाजियों को एजेंट ज्यादा रकम का दल दिखा कर मुंबई पुणे कोलकाता से फॉर्म भरा रहे हैं लेकिन जब हाजी अपना सफर शुरू करते हैं तब से ही उनकी परेशानी शुरू हो जाती है सफर के अलावा मक्का मदीना में भी उन्हें कोई खादिम ना होने की वजह से कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और हर मसले को लेकर ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है पिछले साल जो हाजी दूसरे राज्यों से रवाना हुए थे उन्होंने आकर अपनी आपबीती सुनई जिसमें उन्होंने खादिम के न होने से आने वाली परेशानियों के बारे मे बताया था। 

बम्बई से जा रहे प्रदेश के हाज़ी।

सबसे ज्यादा यात्री मुंबई से जा रहे हे, लेकिन उन्हें इंदौर और मुंबई के बिच जो 38,हजार का फर्क आ रहा हे वो इंदौर भोपाल छोड़कर मुंबई से जाने वाले उन हाजियो के लिये लगभग इंदौर से लगने वाले पेसो के बराबर ही आ रहा हे, जिसमें एजेंट इंदौर से मुंबई फ्लाइट से दो दीन पहले ही बुला लेते हे और अपनी बसों से लेकर जाते हैं इंदौर से मुंबई का किराया जहाँ 2 से 3  हजार के आसपास आता हे ।हाजियो से ये एजेंट 7 से 8 हजार ले रहे हे ।उसके बाद साथ वालों के दो दीन रुकने के इंतजाम के लिए भी वहाँ व्यवस्था करने के नाम पर बड़ी रक़म ले लेते हे, इसके बाद वेरिफिकेशन, रीयाल दिलवाने के नाम पर भी मुनाफ़ा कमाते हैं इसके साथ ही दूसरे राज्यों से फार्म भरने वाले यात्रियों को कई दिक्क़तो का समाना करना पड़ता हे 12 घंटे का सफ़र इंदौर से मुंबई दो दिन पहले पहुंचकर हज़ हाउस में रिहाइश बुजुर्गों को अव्यवस्थाओं को न समझने पर अनेकों समस्याओं का सामना करना साथ ही अपनी बीमारियों से भी लड़ना । जिसको देखकर यही लगता है इंदौर भोपाल से जाने पर प्रदेश के हज यात्रियों को बहुत आसानी रहती हे।