1000 वर्ष पूर्व आक्रांता महमूद गजनवी ने भारत के गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में विध्वंस मचाया था जिसमें अंदर गर्भगृह में स्थित शिवलिंग को भी खंडित कर दिया गया था। 

उस शिवलिंग के अंशों को विगत 1000 वर्षों से संत ऋषियों द्वारा संरक्षित रखा गया था।

उसी दिव्य व अलौकिक शिवलिंग के अंशों के दर्शन आज इंदौर के पंडित सौरभ दुबे द्वारा राधारमण मंदिर के प्रमुख पुजारी वैष्णवाचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जो कि धर्मपत्नी श्रीमती रेणुका गोस्वामी जी को कराए गए।
दिव्य व अलौकिक शिवलिंग के दर्शन करने के पश्चात उनका हृदय अति  प्रफुल्लित हुआ