संसद में तीखी बहस, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर नड्डा का पलटवार
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जारी भारी विरोध प्रदर्शन की गूंज राज्यसभा में भी लगातार सुनाई दे रही है। इस संवेदनशील मुद्दे पर उच्च सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और जोरदार हंगामा देखने को मिला। गतिरोध समाप्त न होने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष की मांग: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और तत्काल चर्चा
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। खरगे ने सदन में कहा कि सड़कों पर आंदोलन कर रहे युवाओं की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ किया कि शिक्षा मंत्री के पद छोड़ने के बाद ही इस मुद्दे पर आगे की कोई बातचीत या चर्चा संभव होगी। विपक्ष ने नियम 267 के तहत अन्य सभी कार्यों को रोककर इस विषय पर तुरंत बहस कराने पर जोर दिया।
जेपी नड्डा का पलटवार: विपक्ष का रवैया गैर-जिम्मेदाराना
विपक्ष की मांगों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने विपक्षी रवैये को लोकतंत्र विरोधी और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा को तार-तार करके और नारेबाजी के बल पर विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। नड्डा ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार नीट सहित हर विषय पर नियम एवं प्रक्रिया के तहत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष शर्त रखकर जानबूझकर गतिरोध पैदा कर रहा है।
लगातार दूसरे दिन ठप रही राज्यसभा की कार्यवाही
पेपर लीक विवाद के चलते संसद के उच्च सदन का कामकाज लगातार दूसरे दिन भी बुरी तरह प्रभावित रहा। बार-बार के हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। सरकार का कहना है कि सभी राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श कर बहस का समय तय किया जा सकता है, जबकि विपक्ष इस्तीफे की अपनी जिद पर अड़ा हुआ है।
छात्रों से संवाद के लिए सरकार ने बढ़ाया हाथ
संसदीय गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी छात्रों से सीधे संवाद की पहल की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से छात्र प्रतिनिधियों को बातचीत के चार अलग-अलग प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे और जे.पी. नड्डा छात्रों द्वारा तय की गई किसी भी जगह पर उनके प्रतिनिधियों से मुलाकात कर हल निकालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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