भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो सेवा का दायरा और समय-सारणी अब यात्रियों के लिए बेहद सुविधाजनक होने जा रही है। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) से सिग्नलिंग सिस्टम को हरी झंडी मिलने के बाद, अब मेट्रो ट्रेनें दोनों पटरियों (ट्रैक) पर रफ्तार भरेंगी। इस नई व्यवस्था और संशोधित समय-सारणी के लागू होने से यात्रियों को ट्रेन के लिए पहले के मुकाबले काफी कम समय इंतजार करना पड़ेगा।

नई समय-सारणी और ट्रेनों की बढ़ी हुई फ्रीक्वेंसी

  • समय अंतराल: नई संचालन व्यवस्था के मुताबिक, व्यस्त समय यानी पीक आवर्स के दौरान मेट्रो हर 15 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होगी, जबकि सामान्य समय में हर 30 मिनट पर ट्रेन का संचालन किया जाएगा।

  • रूट की जानकारी: यह आधुनिक मेट्रो सेवा भोपाल में सुभाष नगर और एम्स स्टेशन के बीच संचालित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पहले सिगनलिंग सिस्टम की अनुमति न मिलने के कारण ट्रेनें केवल सिंगल ट्रैक पर ही चल रही थीं, जिस वजह से ट्रेनों के आने के बीच लंबा अंतराल रहता था।

कड़ी सुरक्षा जांच के बाद मिली मंजूरी

बीते 25 जून को सीएमआरएस (CMRS) के विशेषज्ञ दल ने दोनों ट्रैक्स पर मेट्रो संचालन की तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया था। इस दौरान सुरक्षा मानकों को परखने के लिए दो ट्रेनों को आमने-सामने चलाकर सिग्नलिंग सिस्टम, आपातकालीन ब्रेकिंग सिस्टम, गति नियंत्रण (स्पीड कंट्रोल) और अन्य तमाम तकनीकी पैमानों की कड़ी जांच की गई थी। सभी परीक्षणों के पूरी तरह सफल पाए जाने के बाद ही प्रशासन ने इसे नियमित संचालन के लिए अधिकृत किया है।

संचालन का समय और दैनिक फेरे

नयी समय-सारणी के अनुसार, भोपाल के एम्स स्टेशन से सुबह ठीक 9 बजे दिन की पहली मेट्रो रवाना होगी, जबकि शाम को करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच अंतिम मेट्रो सेवा संचालित की जाएगी। योजना के तहत दोनों दिशाओं में रोजाना कुल 50 फेरे (ट्रिप्स) लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को आवागमन में बेहतरीन सुगमता मिलेगी।

किसे मिलेगा इस नई व्यवस्था का सीधा लाभ?

मेट्रो की इस आधुनिक और तेज रफ्तार सेवा से शहर के कई प्रमुख वर्गों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इनमें मुख्य रूप से एम्स अस्पताल आने वाले मरीज व उनके तीमारदार, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले रेल यात्री, एमपी नगर के छात्र, तथा वल्लभ भवन, एसबीआई, आरबीआई जैसे तमाम सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा रोजाना सफर करने वाले आम नागरिकों का सफर अब और अधिक तेज, सुरक्षित और समयबद्ध हो जाएगा।

डिजिटल टिकटिंग और आधुनिक सुविधाएं

यात्रियों के सफर को पूरी तरह कैशलेस और सुगम बनाने के लिए भोपाल मेट्रो में ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) प्रणाली पहले से ही सक्रिय है। यात्री एमपीएमआरसीएल (MPMRCL) के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से डिजिटल टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा यात्रा के लिए यूपीआई (UPI), क्यूआर कोड (QR Code), ई-वॉलेट और अन्य डिजिटल पेमेंट मोड्स के जरिए भी टिकट खरीदने की पूरी सुविधा दी जा रही है।