आज के समय में अधिक वजन और मोटापा (Obesity) हर आयु वर्ग के लोगों में तेजी से फैलने वाली एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ अक्सर सामान्य से अधिक वजन को कई खतरनाक बीमारियों का घर बताते हैं। अमूमन लोग यही सोचते हैं कि मोटापा केवल शरीर के बाहरी रूप-रंग और आकार को बिगाड़ता है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं अधिक गंभीर है। इसके कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन, कमजोर इम्यून सिस्टम से लेकर डायबिटीज, दिल की बीमारियां (हार्ट प्रोब्लम्स) और यहां तक कि कैंसर जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी खतरनाक हद तक बढ़ जाता है।

क्या सिर्फ वजन मापने की मशीन पर भरोसा करना सही है?

क्या आप भी अपने शरीर का वजन चेक करने के लिए अक्सर वेटिंग मशीन का इस्तेमाल करते हैं? लेकिन क्या आप जानते हैं कि डॉक्टर केवल वजन देखकर किसी भी व्यक्ति की सेहत का सही आकलन नहीं करते हैं? इसके लिए सबसे सटीक पैमाना बॉडी मास इंडेक्स (BMI) माना जाता है। किसी भी व्यक्ति के शरीर के वजन और उसकी लंबाई (हाइट) के अनुपात के आधार पर बीएमआई निकाला जाता है। जब किसी व्यक्ति का बीएमआई सामान्य सीमा से ऊपर निकल जाता है, तो उसे स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी माना जाता है।

क्या आपका बीएमआई भी तो सामान्य से अधिक नहीं है?

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर बीएमआई (BMI) क्या होता है? बॉडी मास इंडेक्स एक ऐसा वैज्ञानिक पैमाना है जो यह तय करता है कि आपका वजन आपकी शरीर की लंबाई के अनुसार सही है या नहीं।

  • कैलकुलेशन का तरीका: उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का वजन 70 किलोग्राम और लंबाई 1.70 मीटर है, तो उसका बीएमआई लगभग 24.2 होगा। बीएमआई निकालने के लिए अपने वजन (किलोग्राम में) को अपनी लंबाई (मीटर में) के वर्ग से भाग (divide) दिया जाता है।

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानक: डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 25 से अधिक बीएमआई वाले लोगों को अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क हो जाने की जरूरत है।

    • 18.5 से कम: कम वजन (Underweight)

    • 18.5 से 24.9: सामान्य और स्वस्थ वजन (Normal Weight)

    • 25 से 29.9: अधिक वजन (Overweight)

    • 30 या उससे अधिक: मोटापा (Obesity)

हाई बीएमआई (High BMI) शरीर के लिए क्यों है खतरनाक?

डॉक्टरों का कहना है कि उच्च बीएमआई का सीधा मतलब यह होता है कि शरीर के अंदर अतिरिक्त चर्बी (फैट) जमा हो गई है, जिससे रक्त वाहिकाओं और दिल पर अनावश्यक दबाव बढ़ने लगता है।

  • हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर का खतरा: पेट के आसपास जमा होने वाली जिद्दी चर्बी शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ाने वाले रसायन छोड़ती है। इससे धमनियों में प्लाक जमने, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पैदा हो जाती है। समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों को जन्म दे सकता है।

  • टाइप-2 डायबिटीज की आशंका: शरीर में अत्यधिक फैट जमा होने पर कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील (Insulin Resistant) हो जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप खून में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

बीएमआई ज्यादा होने से शरीर को और क्या नुकसान होते हैं?

  • फैटी लिवर की समस्या: हाई बीएमआई वाले लोगों में 'नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज' (NAFLD) होने का खतरा बहुत अधिक रहता है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण न किया जाए, तो लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां विकसित हो सकती हैं।

  • कैंसर का बढ़ता जोखिम: कई प्रमुख वैज्ञानिक शोधों और अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि मोटापा कम से कम 13 प्रकार के कैंसर के खतरे से सीधा जुड़ा हुआ है। शरीर में मौजूद अतिरिक्त फैट लगातार सूजन पैदा करती है, जो इंसुलिन और अन्य हार्मोन्स का स्तर बढ़ाकर कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि का कारण बन सकती है।

अपने बीएमआई को नियंत्रित और स्वस्थ कैसे रखें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अपने बीएमआई को हमेशा सामान्य और नियंत्रित रखने के लिए एक संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाना सबसे असरदार तरीका है।

  • फिजिकल एक्टिविटी: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट तक शारीरिक व्यायाम या वर्कआउट जरूर करें।

  • हेल्दी डाइट: अपने दैनिक भोजन में साबुत अनाज, दालें, ताजे फल, हरी सब्जियां और पर्याप्त प्रोटीन को शामिल करें।

  • तनाव और नींद: भरपूर और अच्छी नींद लें तथा मानसिक तनाव को नियंत्रित रखें, क्योंकि इन दोनों का सीधा असर हमारे शरीर के वजन पर पड़ता है।

यदि आपका बीएमआई लगातार बढ़ रहा है या 25 से 30 के आंकड़े को पार कर चुका है, तो किसी योग्य चिकित्सक या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह अवश्य लें।