व्हाइट हाउस में दोबारा हुआ डिनर, गोलीबारी के बाद ट्रंप का बड़ा संदेश
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार रात व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर (White House Correspondents' Dinner) में हिस्सा लिया। अप्रैल महीने में हुई गोलीबारी की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का अब दोबारा आयोजन किया गया है। इस दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "जैसा मैंने तीन महीने पहले भी कहा था, शो जारी रहना चाहिए।" यह कार्यक्रम राजधानी वाशिंगटन के सुप्रसिद्ध वाल्डॉर्फ एस्टोरिया होटल में संपन्न हुआ, जहां लगभग 700 आमंत्रित मेहमानों के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े इंतजाम किए गए थे। सभी मेहमानों को केवल एक ही मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर आने की अनुमति दी गई, जहां गहन पहचान जांच, स्निफर डॉग, भारी मात्रा में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी और अन्य सख्त चेकिंग प्रोटोकॉल तैनात थे। सुरक्षा कारणों से इस बार न तो कोई रेड कार्पेट बिछाया गया था और न ही पारंपरिक रूप से भव्य स्वागत समारोह आयोजित हुआ।
'हम डरने वाले नहीं हैं'—वेइजिया जियांग का कड़ा संदेश
इस गरिमामयी कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन (WHCA) की अध्यक्ष और सीबीएस न्यूज की वरिष्ठ पत्रकार वेइजिया जियांग के संबोधन के साथ हुई।
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उन्होंने अप्रैल माह में घटी डरावनी घटना को याद करते हुए मंच से कहा, 'हम वापस आ लौट आए हैं। हम किसी भी सूरत में डरने वाले नहीं हैं और हिंसा को कभी भी इस लोकतंत्र का आखिरी शब्द नहीं बनने देंगे।'
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आपको बता दें कि अप्रैल में आयोजित पिछले डिनर के दौरान एक हमलावर ने सुरक्षा जांच चौकी पर अचानक हमला कर दिया था, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई थी और मेहमानों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा था।
इस बार के पुनर्आयोजित कार्यक्रम में कुछ नए और सराहनीय बदलाव भी देखने को मिले। आयोजकों द्वारा दो विशेष पुरस्कार जोड़े गए—पहला पुरस्कार सीक्रेट सर्विस के जांबाज एजेंट विक्टर गोंजालेस को दिया गया, जिन्होंने पिछले हमले के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया था, और दूसरा पुरस्कार उस होटल के समर्पित स्टाफ को सम्मानित करने के लिए दिया गया जहां यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित हुआ था।
ट्रंप ने मीडिया पर कसा तंज और हल्के-फुल्के अंदाज में रखी बात
अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माहौल को थोड़ा हल्का रखने की कोशिश की, लेकिन साथ ही मीडिया पर कटाक्ष करने से भी नहीं चूके।
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उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह कमरा 'ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम से पीड़ित लोगों का सबसे बड़ा जमावड़ा' है।
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हालांकि, उन्होंने अपने पहले से तैयार किए गए तीखे और राजनीतिक भाषण को नजरअंदाज करते हुए अपेक्षाकृत हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखी।
इस आयोजन को लेकर कुछ हलकों से आलोचनाएं भी सामने आई हैं। कुछ मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि देश के शीर्ष नेताओं और पत्रकारों का इस प्रकार एक मंच पर साथ आना स्वतंत्र प्रेस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पॉयन्टर इंस्टीट्यूट की जानी-मानी मीडिया विशेषज्ञ केली मैकब्राइड ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से आम जनता के बीच यह गलत संदेश जाता है कि राजनीतिक नेता और पत्रकार आपस में बहुत करीबी संबंध रखते हैं।
प्रशासन और मीडिया के बीच बरकरार है तनाव
यह हाई-प्रोफाइल डिनर ऐसे संवेदनशील समय में आयोजित किया गया है जब अमेरिकी प्रशासन और मुख्यधारा के मीडिया घरानों के बीच दूरियां और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
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हाल ही में सरकार द्वारा कुछ स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की कोशिशें सामने आई थीं, जिसे देशव्यापी विरोध के बाद बादला भी पड़ा।
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इस गंभीर मुद्दे पर देश के कई प्रमुख प्रेस संगठनों ने गहरी चिंता व्यक्त की है और व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन से सरकार के रुख के खिलाफ खुलकर मुखर होने की अपील की है।
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन ने पूरी तरह स्पष्ट किया है कि इस वार्षिक डिनर का एकमात्र मुख्य उद्देश्य एक स्वतंत्र, निष्डर और निष्पक्ष प्रेस का जश्न मनाना तथा यह रेखांकित करना है कि एक जीवंत लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका कितनी अमूल्य और अहम होती है।
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