तेहरान: फारस की खाड़ी के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक बार फिर व्यापारिक पोत को निशाना बनाए जाने की गंभीर घटना सामने आई है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार ईरान की समुद्री सीमा के समीप मोजाम्बिक के झंडे वाले एक एलपीजी टैंकर पर हमला हुआ। इस पोत पर कुल 28 भारतीय क्रू सदस्य तैनात थे। घटना की जानकारी मिलते ही कूटनीतिक स्तर पर त्वरित कदम उठाए गए। भारतीय दूतावास ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद सभी 28 भारतीय नागरिक पूरी तरह से सुरक्षित हैं और अधिकारियों द्वारा उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एलपीजी टैंकर पर मिसाइल हमला

भारतीय समुद्री कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने इस घटना के संबंध में जानकारी साझा की है। यूनियन के अनुसार 'दिशा' नाम का यह एलपीजी टैंकर जब फारस की खाड़ी की ओर बढ़ रहा था, तभी होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अज्ञात मिसाइल द्वारा इसे निशाना बनाया गया। अचानक हुए इस हमले के बाद जहाज पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन समय पर बरती गई सतर्कता के कारण किसी भी भारतीय नाविक को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा।

भारतीय दूतावास की त्वरित कूटनीतिक पहल और सुरक्षा आश्वासन

तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित ईरानी अधिकारियों से सीधा संपर्क स्थापित किया। दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया कि भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। दूतावास की टीम जहाज के कप्तान और local प्रशासन के साथ निरंतर संवाद बनाए हुए है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मुहैया कराई जा सके।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में बढ़ता तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर असर

ईरान और ओमान के मध्य स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मार्ग माना जाता है। वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और हालिया अभियानों के कारण वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर अनिश्चितता का संकट गहराने लगा है।

व्यापारिक पोतों पर बढ़ते हमलों से भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता

कमर्शियल शिपिंग रूट पर लगातार हो रही इस प्रकार की हिंसक घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। पिछले कुछ महीनों में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के मामलों में वृद्धि हुई है। इसी स्थिति को देखते हुए विभिन्न वैश्विक सुरक्षा तंत्रों और नौसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी घटनाओं को रोका जा सके और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।