अब मकान मालिक भी होंगे जिम्मेदार, किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया तो होगी कार्रवाई
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और संदिग्ध किराएदारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी निगरानी और सतर्कता को काफी तेज कर दिया है। विशेष तौर पर पड़ोसी देशों से अवैध रूप से घुसपैठ कर आने वाले लोगों की मिल रही सूचनाओं के बीच, अब जगदलपुर पुलिस मुख्यालय ने आम नागरिकों और मकान मालिकों, दोनों की कानूनी जवाबदेही तय कर दी है। यदि कोई भी मकान मालिक अपने किराएदारों का विधिवत पुलिस सत्यापन नहीं कराता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 'समाधान ऐप' के जरिए हर किराएदार की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है।
किराएदारों का सत्यापन न कराने पर मकान मालिकों पर कसेगा शिकंजा
राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाहरी, अवांछित और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने के लिए पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। समय-समय पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक किराएदारों और बाहरी मुसाफिरों के दस्तावेजों की रैंडम जांच की जा रही है, ताकि अवैध रूप से छिपकर रह रहे असामाजिक तत्वों को बेनकाब किया जा सके।
-
समाधान ऐप का उपयोग: पुलिस मुख्यालय ने किराएदार सत्यापन की प्रक्रिया को आम जनता के लिए बेहद आसान और सुलभ बनाने के लिए 'समाधान ऐप' लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब हर मकान मालिक का यह नैतिक और कानूनी दायित्व होगा कि वह अपने यहां रहने वाले नए या पुराने किराएदार की संपूर्ण जानकारी और पहचान से जुड़े दस्तावेज इस ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करे।
-
कड़ी चेतावनी: पुलिस का स्पष्ट कहना है कि केवल आपसी सहमति से किरायानामा (एग्रीमेंट) तैयार करवा लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि किराएदार का विधिवत पुलिस सत्यापन कराकर उसकी सारी जानकारी ऐप पर दर्ज करना बेहद जरूरी है। यदि कोई भी मकान मालिक शासन और पुलिस प्रशासन के इन निर्देशों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की आम जनता से विशेष अपील
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस ने आम नागरिकों से भी एक खास अपील की है।
-
अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि यदि उनके आस-पास या मोहल्ले में कोई भी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति निवास कर रहा है, अथवा उसकी गतिविधियां असामान्य या संदेहास्पद प्रतीत होती हैं, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस हेल्पलाइन या थाने को दें।
-
पुलिस का मानना है कि आम जनता की सजगता, सतर्कता और मकान मालिकों की जवाबदेही से ही अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध लोगों को समय रहते पकड़ा जा सकता है और राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत