हॉस्टल के नाम पर चल रहा था अवैध स्टोरेज
दुर्ग: बॉयज हॉस्टल में चल रहा था पनीर का 'काला खेल'; खाद्य विभाग की छापेमारी में 140 किलो माल और नोट गिनने की मशीन बरामद
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक चौंकाने वाले मामले का भंडाफोड़ किया है। जिले के शैल देवी महाविद्यालय के पास स्थित एक बॉयज हॉस्टल की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पनीर का भंडारण और सप्लाई नेटवर्क चलाया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर दबिश देकर इस गुप्त कारोबार का पर्दाफाश किया है।
छात्रों के हॉस्टल में पनीर का गोदाम
बाहर से देखने पर यह एक सामान्य छात्रवास (हॉस्टल) जैसा दिखता था, लेकिन विभाग को मिली गुप्त सूचना के बाद जब खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम अंदर पहुंची, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी हैरान रह गए। बिना किसी वैध लाइसेंस या स्वच्छता मानकों के पनीर का स्टॉक जमा किया जा रहा था।
छापेमारी की खबर लगते ही माल किया गायब
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी की भनक लगते ही संचालक ने अधिकांश स्टॉक को वहां से हटा दिया था। इसके बावजूद, विभाग की टीम ने मौके से 140 किलो पनीर जब्त किया है। जब्त किए गए माल की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई जा रही है।
नोट गिनने की मशीन और तिजोरी ने बढ़ाए सवाल
कार्रवाई के दौरान टीम को वहां से नोट गिनने की मशीन और एक बड़ी तिजोरी भी मिली है। इन चीजों की बरामदगी इस बात की ओर इशारा कर रही है कि यहाँ से रोजाना लाखों रुपये का लेन-देन और अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था। अधिकारियों ने पनीर के नमूने (सैंपल) ले लिए हैं और उन्हें जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
जांच के दायरे में स्थानीय होटल और बाजार
अब विभाग इस कड़ी को जोड़ने में जुटा है कि बिना मानकों के तैयार और स्टोर किया गया यह पनीर किन-किन होटलों और बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था। इस खुलासे ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस असुरक्षित पनीर के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा था।
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