भारत-म्यांमार बॉर्डर सील करने के विरोध में पूर्वोत्तर राज्य
गुवाहाटी । देश के चार राज्यों से लगी म्यांमार सीमा सील करने के केंद्र के फैसले को लेकर पहाड़ और घाटी दो हिस्सों में बंट गए हैं। घाटी के लोग खुश हैं। वहीं, पहाड़ी विरोध में हैं। यहां तक कि मिजोरम और नगालैंड के मुख्यमंत्री भी विरोध में उतर आए हैं।
मैतेई समुदाय की संस्था कोकोमी सहित घाटी के संगठनों का कहना है कि इससे शरारती तत्वों की आवाजाही रुकेगी और सीमाएं सुरक्षित होंगी। कोकोमी प्रवक्ता खुराइजम अथौउबा ने कहा कि मणिपुर में चल रहे हिंसक संकट के मूल में म्यांमार से यहां हो रहा पलायन है। दूसरी तरफ, मिजोरम के मुख्यमंत्री लल्दुहोमा का कहना है कि सीमा के दोनों तरफ रहने वाले मिजो-जो-चिन समुदाय को क्षेत्र में आने-जाने से नहीं रोका जा सकता। वे अंग्रेजों के समय एकतरफा तरीके से निर्धारित की गईं सीमाओं को नहीं मानते। इस बीच नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने भी कहा कि जहां तक नगालैंड का सवाल है तो सीमा के दोनों तरफ नगा रहते हैं। केंद्र को फैसले पर अमल करने से पहले एक सर्वमान्य फॉर्मूला बनाना चाहिए।
2600 करोड़ की लागत से बन रही सड़क, निर्माण से पहले लगी धंसने, ओवरब्रिज के दीवारों पर क्रेक
बिलासपुर में रेरा की बड़ी कार्रवाई, ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ पर 10 लाख जुर्माना
छत्तीसगढ़: बजट सत्र में पेश हो सकता है धर्मांतरण विधेयक, गृह मंत्री विजय शर्मा ने दी जानकारी
CG SIR: छत्तीसगढ़ में कटे 25 लाख वोटर्स के नाम, फाइनल वोटर लिस्ट जारी, जानें कैसे चेक करें अपना नाम
CG – चाकूबाजी से दहली न्यायधानी : इस दिग्गज कांग्रेस नेता के बेटे पर हुआ जानलेवा हमला, युवकों ने कई बार किया चाक़ू से वार