होटल और रेस्टोरेंट में होगी पनीर की जांच
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने जारी किए निर्देश
भोपाल। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को सिंथेटिक खाद्य पदार्थों की जांच करने के लिए निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता मंत्रालय के जारी निर्देश के अनुसार रेस्टोरेंट और होटल में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक पनीर का उपयोग किया जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारियों को सख्ती के साथ जांच करने और कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
देश भर के सभी होटल और रेस्टोरेंट में सिंथेटिक पनीर का उपयोग ना हो। इसके लिए मुहिम चलाकर इसे रोकने के लिए निर्देश जारी हुए हैं। दूध से अलग वनस्पति तेल एवं अन्य माध्यम से एनलॉग पनीर तैयार किया जा रहा है। यह पनीर पारंपरिक पनीर जैसा ही दिखता है। इसे पाम तेल, वनस्पति आयल, मिल्क पाउडर, स्टार्च इत्यादि की सहायता से तैयार किया जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए घातक होता है। सिंथेटिक पनीर में वसा और कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होता है। जो शरीर के लिए नुकसानदेह होता है। दूध से बना पनीर प्रोटीन का बेहतर स्रोत होता है। सिंथेटिक पनीर दूध से बने हुए पनीर से काफी सस्ता होता है। सिंथेटिक पनीर का प्रयोग लगातार होटल और रेस्टोरेंट और शादी विवाह में बढ़ता चला जा रहा है।
केंद्रीय मंत्रालय द्वारा सभी खाद्य अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सही हो। समय समय पर जांच करने और अमानक खाद्य पदार्थ होने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष : हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल